मेरठ में आयोजित कवि सम्मेलन के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भावुक हो गए। मंच से बोलते हुए उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और फूट-फूटकर रो पड़े। आंसू पोंछते हुए उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार लखनऊ आए थे, तब उनके पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं थी। कड़ाके की ठंड में भी उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया, इसलिए वे गरीबी का दर्द अच्छी तरह समझते हैं।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज वे जिस पद पर हैं, उसे वे सत्ता नहीं बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे खुद को डिप्टी सीएम नहीं, बल्कि गरीबों का सेवक मानते हैं। उनके इस भावुक संबोधन से मंच पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए और लंबे समय तक तालियां बजती रहीं।
कवि सम्मेलन में मौजूद श्रोताओं ने उनके संघर्ष और सादगी की सराहना की। कार्यक्रम के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।